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Migraine क्या होता है, माइग्रेन से कैसे राहत पा सकते है ?

Aapki Health

— Migraine के मुख्य लक्षण, कारण और उपचार

आप की हेल्थ
चड़ीगढ़/मुंबई l
Migraine जिसे की एक तेज सिर दर्द के रूप में माना जाता है और आमतौर पर यह न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम है जोकि मस्तिक से संबंधित होने के चलते काफी ज्यादा गंभीर बीमारी मानी जाती है। ऐसा नहीं है कि Migraine का इलाज नहीं है परंतु यह इलाज जल्द ही करवाना बहुत जरूरी है क्योंकि यह बीमारी जब एक हद से ज्यादा बढ़ जाती है तो इसका दर्द सहना मुश्किल हो जाता है l

आमतौर पर माइग्रेंट सिर के आधे हिस्से में ही पाया जाता हैl परंतु कुछ लोगों को Migraine सिर के अंदरूनी हिस्से या फिर पूरे सिर में भी होने लगता है जिसके चलते यह असहाय दर्द कई बार जान तक भी ले सकता है क्योंकि इसका सीधा असर हमारे दिल वह दिमाग पर भी पड़ता हैl

ऐसे में हमारी नसों में दौड़ रहे खून का प्रभाव तेज होने से इससे काफी ज्यादा खतरे पैदा हो सकते हैं इसलिए आमतौर पर इसका इलाज तुरंत शुरू करना ठीक बताया जाता है। Migraine के प्रकार व इसके इलाज को लेकर सुझाव के बारे में इस लेख में आपको काफी कुछ बताया जाएगा, जिससे कि आप माइग्रेन की समस्या को समझने के साथ-साथ उसके इलाज की तरफ भी बढ़ सकते हैं।

माइग्रेन को लेकर कुछ सावधानियां भी होती हैंl जिसके चलते माइग्रेन का दर्द काफी कम हो जाता है या फिर माइग्रेन बढ़ने की जगह कम होने लगता है इसलिए इस लेख में आपको इन सभी चीजों से अवगत कराया जाएगा।

माइग्रेन के मुख्य कारण hindi में l Migraine symptoms in hindi

आमतौर पर जब हम किसी प्रकार के दबाव या फिर टेंशन के चलते Migraine होना शुरू हो जाता है। हम दुनियादारी में इतना ज्यादा टेंशन ले रहे हैं कि शुरुआती दौर में माइग्रेन एक हल्के से सिर दर्द के रूप में शुरू होता है और धीरे धीरे यह बढ़ने के साथ सक्रिय रूप से आपको अपनी पकड़ में ले लेता है।

शुरुआत में छोटा सा सिरदर्द हम नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार यह नजरअंदाज करना हमें आगे चलकर भारी पड़ता है और हमें माइग्रेन जैसी बीमारी का भी सामना करना पड़ता है। Migraine को ठीक करने के लिए दवाई के इलावा सबसे उत्तम वह आसान का रे टेंशन को दूर करना ही बताया जाता है अगर आपके रोजाना जीवन में टेंशन दूर हो जाती है तो माइग्रेन भी धीरे-धीरे आपसे दूर हो जाएगा परंतु इसके साथ दवाई भी लेना जरूरी है।

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माइग्रेन के लक्षण l Symptoms of Migraine

आमतौर पर होने वाले सिर दर्द के विपरीत Migraine के लक्षण क्या होते हैं इसे हमें पहचान करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होगा क्योंकि हम माइग्रेन की पहचान नहीं करने के चलते सिर दर्द की आम गोली खाकर उस से काम चला लेते हैं. परंतु इससे माइग्रेन ठीक नहीं होता है बल्कि आगे बढ़ जाता हैl

इसलिए आपको माइग्रेन की अवस्था को समझना होगा। माइग्रेन के शुरुआती लक्षण में उल्टी आना जी मिचलाना, आंखों पर प्रेशर पढ़ना, रोशनी की अति संवेदनशीलता के साथ-साथ अचानक से दिमाग सुन हो जाना, कमजोरी आना, चक्कर आना, आदि मुख्य कारणों में माना जाता है।

अगर आप किसी से बातचीत कर रहे हैं l ऐसे में आपको बोलने में कठिनाई आ रही है तो आप को समझाना होगा कि Migraine गंभीर रूप से आपके मस्तिष्क में कार्य कर रहा है l इसलिए इस लक्षण के तुरंत पश्चात ही आपको समझ जाना चाहिए कि माइग्रेन को अब दवाई के रूप से ठीक करना का समय आ गया है। कई बार तो अंधेरे कमरे में चक्कर आने के साथ-साथ उस अवस्था तक लेटना पड़ता है जब तक कि आप ठीक ना हो जाए। 

माइग्रेन कितने प्रकार। How many Types of Migraine

हर जगह यह सवाल उठता है how many Types of Migraine. आम तौर पर माइग्रेन के अलग-अलग प्रकार चरण होने के चलते इन्हें मुख्य रूप से चार भागों में बांटा गया है। इन चार भागों की अवस्था में माइग्रेन को पहचानने के साथ-साथ उसकी तकलीफ भी जानी जा सकती है। शुरुआती अवस्था में माइग्रेन का अगर दर्द सहन हो रहा है तो उसे प्रोड्रोम माइग्रेन अवस्था कहा जाता है तो अगर यह दर्द धीरे-धीरे या फिर कभी कभी उड़ता है तो उसे औरा माइग्रेन कहा जाता है।

साइनससाइनस नाक का एक रोग है। आयुर्वेद में इसे प्रतिश्याय नाम से जाना जाता है। सर्दी के मौसम में नाक बंद होना, सिर में दर्द होना, आधे सिर में बहुत तेज दर्द होना, नाक से पानी गिरना इस रोग के लक्षण हैं।
टेंशनआम दिनों में किसी न किसी बात को लेकर हमे टेंशन होती ही रहती है l किसी से बात हो जाए तो टेंशन, किसी से नारजगी हो जाए तो टेंशन हो जाती है परन्तु इस से हमे Migraine जैसे प्रॉब्लम हो सकती है l इस टेंशन से जितना दूर रहें उतना ठीक है l

अचानक से आधे सिर में दर्द उठ जाने के बाद नहीं संभालने की अवस्था को Migraine का टाइप भी कहा जाता है l जिससे कि हम थोड़ा सा गंभीर लेते हैं माइग्रेन का जो अंतिम चरण होता है जिसमें काफी ज्यादा परेशानी का भी सामना करना पड़ता है उसे पोस्ट ड्रोम माइग्रेन कहा जाता है। सभी प्रकार के माइग्रेन को हम समझने की कोशिश करेंगे।

प्रोड्रोम माइग्रेन l Prodrome migraine

आमतौर पर सिर दर्द होने के पश्चात एक व्यक्ति की शिर्डी का वास्ता में कुछ बदलाव देखने को मिले शुरू हो जाते हैं जैसे कि बार-बार प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना किस अवस्था के शुरुआती चरण में माना जाता है l जैसे-जैसे स्थिति आगे बढ़ती है तो कब्ज होने के साथ-साथ गर्दन में भी अकड़न आनी शुरू हो जाती है। जिससे हम गर्दन के दर्द से भी जूझना शुरू हो जाते हैं l इस अवस्था को Prodrome migraine कहा जाता है जो कि इस बात को इशारा करती है कि आप फर्स्ट चरण के माइग्रेन की तरफ बढ़ रहे हैं। 

औरा माइग्रेन l Aura Migraine :-

आमतौर पर माइग्रेन का दर्द रूटीन में नहीं होता है। migraine एक ऐसा दर्द है जो कभी कभी या फिर कुछ दिन तक लगातार सिरदर्द करके रखता है। अगर आपके सिर में हल्का हल्का सा दर्द उठना शुरू हो गया है इस दर्द उठने के पश्चात आपको देखने में परेशानी आ रही है या फिर जिगजैग के रूप में दिखाई दे रहा है तो आपको यह समझना होगा कि आप पहले चरण से आगे निकलते हुए औरा माइग्रेन की तरफ बढ़ चुके हैं इसमें आपका सिर दर्द होने के साथ-साथ आपकी आंखों की रोशनी पर असर पड़ना शुरू हो जाएगा।

माइग्रेन का अटैक l migraine attack

migraine चाहे किसी भी चरण या किसी भी प्रकार से क्यों ना गुजर रहा हो यह कभी-कभी ही होता है और जब होता है तो असहनीय दर्द करता है l अगर आपके आधे सिर में दर्द होना शुरू हो गया है और आपका दर्द 4 घंटे से लगातार होने के पश्चात आगे 2 या 3 दिन तक चल रहा है तो आपको यह समझ जाना चाहिए कि आपको इस बार माइग्रेन के शुरुआती चरण की जगह माइग्रेन का अटैक आया है। जिस किसी को भी माइग्रेन का अटैक आता है l उसे कई घंटों असहनीय दर्द के साथ रहने के पश्चात इस दर्द को 2 दिन या फिर 4 दिन तक भी सहना पड़ता है l

ऐसे में दवाई खाने पर ही कुछ राहत मिलती है इस अवस्था में मरीज को उल्टियां आने शुरू हो जाती है या फिर देखना थोड़ा सा कम हो जाता है l कई बार तो migraine attack में कमजोर व्यक्ति बेहोशी की हालत में भी चला जाता है l ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाना जरूरी होता है, क्योंकि इस अवस्था में डॉक्टरी सहता के बिना ठीक हो पाना मुश्किल हो जाता है।

पोस्ट ड्रोम माइग्रेन l Post Drome Migraine symptoms :-

पोस्ट ड्रोन माइग्रेन को आमतौर पर migraine के अटैक का अगला चरण माना जाता है। माइग्रेन के अटैक के पश्चात अगले चरण में पोस्ट ग्राम माइग्रेन एक या 2 दिन तक चल सकता है। इस हालात में आपको काफी ज्यादा शरीरिक परेशानी से गुजरना पड़ता है। इस अवस्था में आपको काफी ज्यादा थका हुआ महसूस होने के साथ-साथ लगातार चक्कर आते रहते हैं। आपका सिर का भारीपन काफी ज्यादा बढ़ जाता है और गर्दन पहले से ज्यादा करने के साथ-साथ बुखार भी आपको आ सकता है। 

माइग्रेन के दर्द कैसे निजात पाएं और इलाज l Migraine pain and treatment

आमतौर पर migraine का इलाज किसी भी दवाई से नहीं होने की बात कही जाती है परंतु समय समय पर ऐसी दवाइयां या फिर इलाज आ रहे हैं जिनसे माइग्रेन के दर्द को अगर पूर्ण रूप से खत्म नहीं किया जा सकता है तो उसे रोका जरूर जा सकता है ऐसे में आपको इस माइग्रेन के दर्द से निजात लेने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी होगी। इन सावधानियों के साथ आप अपने माइग्रेन के दर्द को कंट्रोल में कर सकते हैं और आपको काफी हद तक इसका फायदा होगा।

टेंशन या फिर तनाव l Tension Migraine :-

migraine की शुरुआत टेंशन से होती है तो इसका इलाज भी टेंशन से ही होगा। माइग्रेन के इलाज की शुरुआत में आपको सबसे पहले किसी भी तरह की टेंशन या तनाव से दूर रहना जरूरी होगा अगर आप माइग्रेन की दवाई खाने के साथ-साथ तनाव या फिर टेंशन भरी जिंदगी से दूर नहीं जाते हैं तो आपको माइग्रेन से निजात नहीं मिलने वाली है माइग्रेन नसों के बीच में एक ऐसा दबाव है जो कि टेंशन या फिर तनाव से ही पैदा होता है।

इसलिए आपको सबसे पहले टेंशन व तनाव से दूर जाना होगा। इसके लिए आप रोजाना सुबह-शाम संगीत सुनने के साथ-साथ अपने परिवार को कुछ समय देना शुरू करें जिससे आप तनाव या टेंशन से दूर होते हुए आपका दिमाग दूसरे कार्यों में लगेगा और इससे आपके दिमाग की नसों में पड़ रहे दबाव पर निजात मिलते हुए आपका माइग्रेन कुछ कम होने लगेगा।

वजन को करें कम l Reduce your weight :-

आमतौर पर यह माना जाता है कि वजन का सिर दर्द का आपस में कोई लेना देना नहीं होता परंतु इसका सीधा असर नहीं होने के बावजूद भी शरीर के बढ़ते वजन से माइक्रोन होना आजकल आम बात मानी जा रही है क्योंकि जैसे जैसे अच्छा खाना छोड़ कर जंक फूड की तरफ बढ़ते हैं तो उसे हमारा हमारा वजन बढ़ता है और हम माइग्रेन की तरफ जाना शुरू हो जाते हैं। हमारे खाने का प्रभाव हमारे पूरे शरीर पर ही पड़ता है वजन बढ़ने के साथ-साथ हमारे दिमाग पर भी इसका दबाव बढ़ता है जिस कारण हमें शुरुआती के सिर दर्द के पश्चात migraine की परेशानी भी आनी शुरू हो जाती है। 

शांत व बंद कमरा :-

आमतौर पर माना जाता है कि जब migraine का दर्द हो तो व्यक्ति को शांत रहना बहुत ज्यादा जरूरी होता है ऐसे में अगर आपके घर में कोई शांत या फिर बंद करना है तो उसमें रहते हुए कुछ घंटों तक आराम करना चाहिए इससे आपके दिमाग की नाड़ियों के साथ-साथ पूरे शरीर को आराम मिलेगा और खून का दबाव भी कम होगा जिससे माइग्रेन का दर्द कम होने की तरफ जाएगा। इस अवस्था में आपको यह दवाई नहीं खानी पड़ेगी। 

तरल पदार्थ का करें सेवन l Drink mostly water :-

हमारे मस्तिष्क में 70 पर्सेंट तक पानी पाया जाता है। इसलिए हमारे मस्तिष्क की नाड़ियों को ज्यादा समय तक खुश्क नहीं रखना चाहिए। आपने देखा होगा कि जब हम मस्तिष्क में मालिश करने के साथ-साथ अच्छे ढंग से तेल देते हैं तो हमारे सिर का दर्द खत्म होने के साथ-साथ सिर में अलग किस्म की ऊर्जा पैदा हो जाती है इसका कारण यह है कि जब हम मस्तिष्क की मालिश करते हैं तो उसमें पहले से पड़ा हुआ तरल पदार्थ मस्तिष्क के चारों तरफ होना शुरू हो जाता है इससे हमारी खुश्की से निजात मिलती है।

इसीलिए कहा जाता है कि तरल पदार्थ भी migraine से निजात दिलाने का काम करता है क्योंकि जितना हम तरल पदार्थ लेते हैं उतना ही हमारे मस्तिष्क को पानी मिलता है। तरल पदार्थ में ऐसा नहीं है कि आप कोल्ड ड्रिंक या कुछ ऐसा पीना शुरु कर दें जिससे उसका उल्टा ही प्रभाव पड़ना शुरू हो जाए। आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ नारियल पानी का सेवन करना चाहिए इससे आपको काफी राहत मिलेगी। 

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योग से ही होगा l Yoga :-

ऐसी एक धारणा बन चुकी है कि योग ऐसी दवाई है जिससे हर बीमारी का इलाज किया जा सकता है। इसलिए कहा जाता है कि माइग्रेन का इलाज किसी भी दवाई में नहीं है परंतु माइग्रेन को योग से ठीक किया जा सकता है। आपको रूटीन में योग करना चाहिए परंतु योग करते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि योग की कोई भी ऐसी क्रिया ना करें जिससे आपके खून का दबाव बढ़ने के साथ-साथ उसका असर दिमाग पर पड़े क्योंकि पहले से ही दबाव में चल रहे मस्तिष्क पर और दबाव डालना ठीक नहीं होगा। 

ध्यान लगाना सबसे अच्छी दवाई l Meditation is good medicine:- 

मेडिटेशन जिसे के हम हिंदी में ध्यान लगाना भी कहते हैं यह एक माइग्रेन के लिए सबसे अच्छी दवाई के रूप में मानी जाती है। हमारे शरीर के पूरे अंग में मस्तिष्क ही एक ऐसा मुख्य अंग है जो कि 24 घंटे चलता रहता है। मस्तिष्क को शायद ही कभी आराम मिलता होगा जिस कारण ही सिर दर्द या फिर माइग्रेन जैसी बीमारियां लगनी शुरू हो जाते हैं। माइग्रेन को पूर्ण रूप से खत्म करने के लिए अगर कोई दवाई है तो उसे मेडिटेशन या फिर ध्यान लगाना ही कहा जा सकता है आपको सुबह शाम आधा घंटा ध्यान लगाते हुए मेडिटेशन करना चाहिए।

मेडिटेशन में हमारा दिमाग शून्य अवस्था में चला जाता है और उस समय हमारा दिमाग आराम करने लगता है। ऐसी स्थिति में हमारे मस्तिष्क को काफी याद आ रहा तो मिलने के साथ साथ उस में पैदा हुई बीमारियों का भी इलाज होना शुरू हो जाता है इसीलिए मेडिटेशन को टेंशन या फिर सिरदर्द जैसी बीमारियों का प्रमुख इलाज माना जाता है।

Disclaimer: यह लेख में सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के आधार पर दिया गया है और इस लेख को सिर्फ पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप नही लेना चाहिए । किसी भी तरफ की परेशानी और इस तरफ की समस्या के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरुर ली जाए l


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